Categories: कविता

जागो प्यारे – हरिऔध की कविता

Published by
Ayodhya Singh Upadhyay (Hariaudh)

उठो लाल अब आँखें खोलो,
पानी लायी हूँ, मुँह धो लो

बीती रात कमल दल फूले,
उनके ऊपर भँवरे डोले

चिड़िया चहक उठी पेड़ पर,
बहने लगी हवा अति सुन्दर

नभ में न्यारी लाली छायी,
धरती ने प्यारी छवि पायी

भोर हुआ सूरज उग आया,
जल में पड़ी सुनहरी छाया

ऐसा सुन्दर समय न खोओ,
मेरे प्यारे अब मत सोओ!

Published by
Ayodhya Singh Upadhyay (Hariaudh)