loader image

आश्वस्ति – कुमार अंबुज की कविता

इतने बान्धों और परियोजनाओं पर
सड़कों, पुलों और इमारतों पर
कारख़ानों, संस्थानों और सितारों पर भी
लिख दिए गए हैं उनके नाम
जैसे वे आश्वस्त रहे हों कि उन्हें
उनके कामों से याद नहीं रखा जा सकता।

858
By: Kumar Ambuj

© 2022 पोथी | सर्वाधिकार सुरक्षित

Do not copy, Please support by sharing!