आवाज़ देकर रिक्शेवाले को बुलाया वो कुछ लंगड़ाता हुआ आया।
मैंने पूछा- यार, पहले ये तो बताओगे, पैर में चोट है कैसे चलाओगे?
रिक्शेवाला कहता है- बाबू जी, रिक्शा पैर से नहीं पेट से चलता है।