loader image

एक आँख वाला इतिहास

मैंने कठैती हड्डियों वाला एक हाथ देखा–
रंग में काला और धुन में कठोर ।

मैंने उस हाथ की आत्मा देखी–
साँवली और कोमल
और कथा-कहानियों से भरपूर !

मैंने पत्थरों में खिंचा
सन्नाटा देखा ।
जिसे संस्कृति कहते हैं ।

मैंने एक आँख वाला
इतिहास देखा
जिसे फ़िलहाल सत्य कहते हैं ।

470

Add Comment

By: Doodhnath Singh

© 2023 पोथी | सर्वाधिकार सुरक्षित

<p style="text-align: center;">Do not copy, Please support by sharing!</p>