और जीवन बीत गया By: Kunwar Narayan कविता इतना कुछ था दुनिया में लड़ने झगड़ने को पर ऐसा मन मिला कि ज़रा-से प्यार में डूबा रहा और जीवन बीत गया..। 958 FacebookXPinterestWhatsApp