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सभी मनुष्य हैं – दूधनाथ सिंह की कविता

सभी मनुष्य हैं
सभी जीत सकते हैं
सभी हार नहीं सकते ।

सभी मनुष्य हैं
सभी सुखी हो सकते हैं
सभी दुखी नहीं हो सकते ।
सभी जानते हैं
दुख से कैसे बचा जा सकता है
कैसे सुख से बचें
सभी नहीं जानते ।

सभी मनुष्य हैं
सभी ज्ञानी हैं
बावरा कोई नहीं है
बावरे के बिना
संसार नहीं चलता ।

सभी मनुष्य हैं
सभी चुप नहीं रह सकते
सभी हाहाकार नहीं कर सकते
सभी मनुष्य हैं ।

सभी मनुष्य हैं
सभी मर सकते हैं
सभी मार नहीं सकते

सभी मनुष्य हैं
सभी अमर हो सकते हैं ।

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By: Doodhnath Singh

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